
हरियाणा के वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के ठीक एक हफ्ते बाद रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप लाठर के खुद को गोली मार कर आत्महत्या करने के मामले में अब एफआईआर की कॉपी सामने आ गई है। मरने से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट व एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने विभाग में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। साथ ही उस वक्त के एसपी नरेंद्र बिजरानिया को ईमानदार तो आईपीएस वाई पुरन कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बताया था।
इस मामले में संदीप लाठर की पत्नी संतोष की शिकायत पर रोहतक पुलिस ने वाई पूरन कुमार की आईएएस अफसर पत्नी अमनीत पी. कुमार, साले पंजाब के बठिंडा ग्रामीण से आम आदमी पार्टी के विधायक अमित रतन, गनमैन सुशील कुमार, रोहतक आईजी ऑफिस के सिक्योरिटी इंचार्ज सुनील और एक अज्ञात का नाम लिखा है। साथ ही इस में विधायक अमित रतन की पत्नी सनमीत कौर का नाम भी है। सनमीत कौर नागालैंड कैडर की 2007 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं जो अनुसूचित आयोग में डेपुटेशन पर डीआईजी हैं। हालांकि, सनमीत कौर का एफआईआर में सिर्फ जिक्र है, वह नामजद नहीं हैं।
ऊंची पहुंच होने का हवाला देकर संदीप पर दबाव बनाया
संदीप लाठर की पत्नी संतोष ने शिकायत में कहा है कि उनके पति मरने से पहले कई बार भ्रष्टाचार का जिक्र करते थे और कहते थे कि विभाग में ईमानदार लोगों की जगह नहीं है। गनमैन सुशील कुमार, आईजी ऑफिस के सुनील कुमार व अन्य इसके साथी लगातार आईजी पूरन कुमार, पत्नी अमनीत पी कुमार, विधायक अमन रतन व अनुसूचित आयोग में साले की डीआईजी पत्नी की ऊंची पहुंच होने का हवाला देकर संदीप पर दबाव बनाकर धमकी दे रहे थे।
पूरन कुमार और उनके गनमैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने से पहले और बाद में दबाव बनाने और धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया था। संदीप गनमैन सुशील को पकड़ने वाली टीम में शामिल थे। इस केस में कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी होनी थी। इसी के चलते पूरन कुमार ने आत्महत्या की। अमनीत पी. कुमार और उनके भाई अमन रतन ने शव का पोस्टमॉर्टम न करवाकर लगातार सरकार पर पुलिस विभाग के ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाया।
ऐसा इसलिए किया जा रहा था क्योंकि पूरन कुमार और उनकी पत्नी अमनीत पी. कुमार के साथ कुछ भ्रष्ट आईएएस व आईपीएस की विजिलेंस जांच चल रही थी। इसी कार्रवाई से बचने के लिए कुछ भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर सरकार पर नाजायज दबाव बनाने का प्रयास किया और उचित कार्रवाई करने वाले ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं। संतोष ने आरोप लगाया कि वाई. पूरन कुमार की पत्नी दबाव डालकर परिवार में कोई बड़ा पद लेने की तैयारी कर रही थीं।
पुलिस विभाग में ईमानदारी का महत्व नहीं
संतोष ने पुलिस को दिया अपनी शिकायत में कहा है कि इसी के चलते संदीप एक हफ्ते से कह रहे थे कि पुलिस विभाग में ईमानदार कर्मचारियों व अधिकारियों का कोई महत्व नहीं है। अमनीत पी. कुमार और उनके भाई अमन रतन ने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर वाई. पूरन कुमार के कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को काफी परेशान किया। साथ ही, संदीप को भी मरने के लिए मजबूर कर दिया।
बिजराणिया को होगा जांच में शामिल होने का नोटिस जारी
तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजराणिया को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी होगा
हरियाणा के आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में रोहतक के तत्कालीन एसपी नरेंद्र बिजराणिया को जांच में शामिल होने का नोटिस जारी होगा। पूरन कुमार के 8 पेज के सुसाइड नोट में बिजारणिया का नाम बोल्ड अक्षरों में लिखा था। इस सुसाइड केस में गठित चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जल्द उन्हें जांच में शामिल करेगी। साथ ही रोहतक के शराब कारोबारी प्रवीण बंसल से भी पूछताछ होगी। वाई पूरन कुमार की सुसाइड के पांच दिन बाद प्रदेश सरकार ने बिजराणिया को उनके पद से हटा दिया था। साथ ही दूसरी जगह पोस्टिंग भी नहीं दी है। मधुबन पुलिस अकादमी में तैनात आईपीएस सुरेंद्र सिंह भोरिया को रोहतक का नया एसपी लगाया गया है।